हिमाचल-पंजाब विवाद: मुख्यमंत्री सुक्खू ने वित्त मंत्री हरपाल चीमा की टिप्पणी पर जवाब दिया
Chief Minister Sukhu Responds to Finance Minister Harpal Cheema's Remarks
बंगाणा (ऊना)। Chief Minister Sukhu Responds to Finance Minister Harpal, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के हिमाचल की वित्तीय स्थिति और प्रवेश शुल्क वृद्धि पर की टिप्पणी पर राजनीति गर्मा गई है। हिमाचल और पंजाब आमने सामने आ गए हैं। हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने नसीहत दी है कि पंजाब अपनी चिंता करे। हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति कहीं बेहतर है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि हिमाचल प्रदेश चुप है तो इसका अर्थ यह नहीं कि कोई भी उस पर कुछ भी कह दे। हम पहाड़ी किसी से डरने वाले नहीं हैं।
सीएम ने ओपीएस पर घेरी पड़ोसी राज्य की सरकार
ऊना के बंगाणा में शुक्रवार को सभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने पंजाब में कर्मचारियों को ओपीएस देने का वादा किया था, लेकिन चुनाव नजदीक आने के बावजूद आज तक यह सुविधा नहीं दी गई है। हिमाचल सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में ही कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू कर दी थी।
सत्ता संभालते ही हर वादा निभाया
सीएम सुक्खू ने कहा कि हिमाचल की कांग्रेस सरकार ने सत्ता संभालते ही हर वादे को निभाया। प्रदेश सरकार वादे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए कार्य कर रही है। हिमाचल प्रदेश की संपदा और संसाधन प्रदेश की जनता की अमानत हैं और सरकार इन्हें किसी भी कीमत पर लुटने नहीं देगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए सरकार पूरी मजबूती के साथ खड़ी है। विकास के साथ वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
टिप्पणी से पहले अपने राज्य की स्थिति पर ध्यान दें : मुकेश
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पंजाब के नेताओं को हिमाचल प्रदेश पर टिप्पणी करने से पहले अपने राज्य की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। पंजाब का कर्ज बढ़कर लगभग 4.50 लाख करोड़ रुपये हो चुका है, इसलिए उन्हें पहले अपने घर को संभालने की जरूरत है।
हिमाचल को अधिकारों से वंचित रखा जा रहा
सुप्रीम कोर्ट ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड को हिमाचल प्रदेश को 4500 करोड़ रुपये देने के निर्देश दिए हैं, लेकिन अभी तक यह राशि जारी नहीं की गई है। मंडी जिले की शानन परियोजना पर भी पंजाब ने कब्जा कर रखा है, जबकि चंडीगढ़ में हिमाचल का 7.16 प्रतिशत हिस्सा भी अभी तक नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश छोटा भाई जरूर है, लेकिन उसे अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है।
क्या कहा था पंजाब के वित्त मंत्री ने
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विधानसभा सत्र के दौरान कहा था कि पंजाब सरकार हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों पर टैक्स लगाने पर विचार करेगी। यह भी कहा कि हिमाचल की स्थिति दिवालिया होने के नजदीक पहुंच गई है। दिवालिया होने से बचने के लिए हिमाचल ने सामाजिक सुरक्षा की योजनाएं बंद कर दी हैं। गरीबों को दी जा रही निश्शुल्क बिजली की योजना बंद कर दी है। कर्मचारियों का डीए फ्रीज कर दिया है और अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों पर टैक्स 70 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये कर दिया है।